उर्वशी रौतेला ने हाल ही में दावा किया कि भद्रिनाथ में उनके सम्मान में एक मंदिर बनाया गया है, जहाँ भक्त उनकी तस्वीरों को माला पहनाते हैं। लेकिन यह दावा तेजी से मजाक की तरह प्रतीत हो रहा है।
उनकी बातों में आत्मविश्वास और मुगालते का अंतर समझना जरूरी है। अब उनकी इच्छा दक्षिण भारत में एक और मंदिर बनवाने की है, पर यह जानना महत्वपूर्ण है कि यह वास्तविकता से कितनी दूर है। उर्वशी का नाम हिंदू पौराणिक कथा की अप्सरा उर्वशी से जुड़ा है, जबकि उनके मंदिर का दावा भ्रमित करता है। यह सब देखकर इस पर विचार करना जरूरी है कि खुद की पूजा करने की चाहत कभी-कभार भटक सकती है।