फिल्म इंडस्ट्री में अपने अदाकारी के लिए पहचाने जाने वाले विक्रांत मैसी ने हाल ही में अपने करियर के सफर में फैशन और PR से जुड़ी अपनी परेशानियों के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि कैसे एक विशेष छवि बनाने के लिए उन्होंने रोजाना ₹60,000 खर्च किए। यह खुलासा न केवल फिल्म उद्योग की जटिलताओं को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि सितारों को किस प्रकार के दबावों का सामना करना पड़ता है।
फैशन से जुड़ी चुनौतियां
विक्रांत ने बताया कि कैसे वह PR के रास्ते पर चलते हुए अपने लुक को खास बनाने के लिए महंगे डिजाइनर कपड़ों पर खर्च करते थे। उन्होंने कहा, “मैंने सोचा कि यह जरूरी है कि मैं हर इवेंट में अलग दिखूं और इसके लिए मुझे अच्छे कपड़े खरीदने पड़े।” इस प्रकार का खर्च केवल कपड़ों तक सीमित नहीं था, बल्कि यह उनकी छवि और करियर को भी प्रभावित करता था।
इंडस्ट्री का दबाव
बॉलीवुड में सफल होना बेहद चुनौतीपूर्ण है, और विक्रांत ने इस बात को स्पष्ट किया कि कैसे उद्योग के मानकों और अपेक्षाओं ने उन्हें प्रभावित किया। उन्होंने कहा, “आपको हमेशा एक खास लुक में रहना होता है, जिससे आपको पहचाना जाए।” यह बात इस बात की ओर इशारा करती है कि कैसे बाहरी दिखावट और फैशन को करियर में सफलता के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
- महंगे डिजाइनर कपड़े
- PR और छवि निर्माण
- फैशन के सामाजिक दबाव
समाज में बदलाव की जरूरत
विक्रांत ने यह भी कहा कि इंडस्ट्री में सकारात्मक बदलाव की जरूरत है, जहां कलाकारों को अपनी पहचान बनाने के लिए बाहरी दबावों का सामना नहीं करना पड़े। उन्होंने सुझाव दिया कि हमें ऐसे मानकों को बदलने की आवश्यकता है जो केवल दिखावे पर आधारित हैं।
संक्षेप में
विक्रांत मैसी का यह खुलासा न केवल उनके व्यक्तिगत अनुभव को उजागर करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे फिल्म उद्योग में अपनी पहचान बनाने के लिए कलाकारों को कितने दबावों का सामना करना पड़ता है। इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए, आप यहां पढ़ सकते हैं।
इस प्रकार के अनुभव हमें यह सोचने पर मजबूर करते हैं कि क्या हमें अपने कलाकारों के लिए एक ऐसा वातावरण बनाना चाहिए जहां वे बिना किसी दबाव के अपने टैलेंट को दिखा सकें।