सुप्रीम कोर्ट में वक्फ कानून 1995 की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने यह सवाल उठाया कि इसे 2025 में ही क्यों चुनौती दी जा रही है। याचिकाकर्ता ने बताया कि अदालत पहले से प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट 1991 पर सुनवाई कर रही है।
CJI बीआर गवई ने इसे हस्तक्षेप याचिका के रूप में सुना। लॉ स्टूडेंट निखिल उपाध्याय द्वारा दायर इस याचिका में वक्फ एक्ट के कई प्रावधानों को असंवैधानिक बताते हुए रद्द करने की मांग की गई है। अदालत ने पहले से पेंडिंग केस में हस्तक्षेप की दृष्टि से सुनने का निर्णय लिया है।