आज के समय में, जहां सूचना और इंटरनेट के माध्यम से जानकारी का आदान-प्रदान तेजी से हो रहा है, वहीं सूचना युद्ध की अहमियत भी बढ़ गई है।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना को विशेष रूप से पाकिस्तान द्वारा फैलाई गई फेक नैरेटिव का सामना करना पड़ा। CDS जनरल अनिल चौहान ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि सेना को इस दौरान करीब 15% समय झूठी खबरों की प्रतिक्रिया में लगाना पड़ा।
उन्होंने कहा कि भारत को सूचना युद्ध के लिए एक विशेष इकाई की जरूरत है। यह प्रस्ताव हमारे देश की सुरक्षा के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस तरह की गतिविधियों को उचित तरीके से नियंत्रित करना आवश्यक है। सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल करके पाकिस्तान ने हाल के घटनाक्रमों में झूठी जानकारी फैलाने का प्रयास किया। CDS ने यह भी बताया कि भारतीय सेना और प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो लगातार ऐसी मामलों में फैक्ट चेकिंग कर रहे हैं, जिससे गलत सूचनाओं का मुकाबला किया जा सके।