आज (1 अप्रैल) से बेंगलुरु में सभी घरों को कचरा संग्रहण के लिए शुल्क अदा करना होगा। यह निर्णय आवश्यक वस्तुओं जैसे दूध, बिजली की दरों और सार्वजनिक परिवहन के किराए में बढ़ोतरी के बीच लिया गया है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहज़ाद पूनावाला ने सोशल मीडिया पर सिद्धारमैया की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “हिमाचल प्रदेश में टॉयलेट टैक्स के बाद अब कांग्रेस बेंगलुरु में कचरा टैक्स वसूल करेगी। यह ‘खाता खट मॉडल’ है!” पूनावाला ने बेंगलुरु में बढ़ती दरों का भी उल्लेख किया, इसे शहर के निवासियों के लिए एक और झटका बताया।

बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (BBMP) ने 2025-26 के बजट में कचरा प्रबंधन शुल्क का प्रस्ताव रखा था, जिसमें संपत्ति कर भी शामिल है। नए शुल्क ढांचे में भवन के आकार के आधार पर छह अलग-अलग स्लैब हैं। 600 वर्ग फीट तक के निर्माण वाले संपत्तियों को प्रति माह 10 रुपये का भुगतान करना होगा, जबकि 4000 वर्ग फीट से बड़े भवनों को प्रति माह 400 रुपये देने होंगे।
निष्कर्ष: स्थानीय सरकार की इस नई नीति के खिलाफ भाजपा के तीव्र राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के चलते बेंगलुरुवासियों के सामने आज एक नया वित्तीय बोझ आ रहा है, जो अनेक आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के प्रभाव को और बढ़ा सकता है।
छोटे कीवर्ड्स और टैग्स:
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!Karnataka Chief Minister Siddaramaiah
*Title: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया*
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