कांग्रेस अपनी 64 वर्षीय अनुपस्थिति के बाद अहमदाबाद में 8 और 9 अप्रैल को अपनी आल इंडिया बैठक आयोजित कर रही है। इस दो-दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत सरदार पटेल मेमोरियल से होगी और दूसरे दिन यह साबरमती आश्रम और साबरमती नदी के किनारे पहुंचेगा।

स्थान का चुनाव कई संदेश देता है, एक ओर जहां कांग्रेस लगातार चुनावी हार का सामना कर रही है, वहीं दूसरी ओर, यह महत्वपूर्ण चुनावों के मद्देनज़र खुद को फिर से लॉन्च करने की योजना बना रही है। यह कदम उन नेताओं की विरासत को पुनः प्राप्त करने के लिए उठाया जा रहा है, जिन्हें भाजपा ने अपने कब्जे में ले लिया है।
राहुल गांधी ने भाजपा पर महात्मा गांधी के सिद्धांतों का अपमान करने का आरोप लगाया है। बैठक में अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों के साथ साथ संविधान को सुरक्षित रखने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया जाएगा। इसके अलावा, जाति जनगणना की आवश्यकता पर भी चर्चा की जाएगी।
हालांकि, यह संभावना जताई जा रही है कि इस बैठक के बाद संगठनात्मक बदलाव भी होगा, जिसमें राहुल गांधी और खड़गे के समूह के कई सदस्यों को शामिल किया जा सकता है। कांग्रेस का उद्देश्य अनुभव के साथ युवा शक्ति को संतुलित करना है, ताकि पार्टी अपने सदस्यों के लिए आकर्षक बनी रहे।
उम्मीद है कि यह बैठक राहुल गांधी की राजनीति के प्रभाव को एक बार फिर से आधिकारिक रूप देगी।