डॉ. एस जयशंकर ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया सैन्य टकराव में किसी भी प्रकार का परमाणु युद्ध संभावित नहीं था।
उन्होंने पश्चिमी देशों की इस धारणा का खंडन किया कि दक्षिण एशिया में जो भी घटनाएँ होती हैं, उन्हें तुरंत एक परमाणु संकट से जोड़ा जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की प्रतिक्रियाएं बहुत ही संतुलित और सोच-समझकर की गई थीं। जब उनसे पूछा गया कि “दुनिया परमाणु संघर्ष से कितनी दूर है”, तो डॉ. जयशंकर ने कहा कि वे इस सवाल से “हैरान” हैं। उन्होंने कहा, “बिलकुल दूर। हमारा उद्देश्य टेररिस्ट ठिकानों को निशाना बनाना है।” इस बयान में उन्होंने यह भी बताया कि भारत ने पाकिस्तान के आक्रमणों का जवाब देने में अपनी ताकत दिखाई और उसके बाद फायरिंग बंद कर दी गई।
डॉ. जयशंकर ने यह भी कहा कि उनके पड़ोसी पाकिस्तान ने हर प्रकार की समस्याएँ खड़ी की हैं, जिनमें आतंकवाद और परमाणु तकनीक का हस्तांतरण शामिल है। इसके बारे में उन्होंने कहा, “क्या जर्मनी भी पाकिस्तान के साथ व्यापार नहीं करता?” साथ ही उन्होंने जर्मनी और भारत के बीच रूस को लेकर अलग-अलग दृष्टिकोण पर भी चर्चा की।