278 आतंकवादी हमले के बाद, भारत और पाकिस्तान के रिश्ते और भी बिगड़ गए हैं। जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में 26 नागरिकों की हत्या के चलते भारत ने कई कड़े कदम उठाए हैं। भारत ने आतंकवादियों और उनके सहायक नेटवर्क के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की योजना बनाई है। वहीं, पाकिस्तान ने भारत पर आतंकवाद के समर्थन का आरोप लगाते हुए जवाबी कदम उठाए हैं। दोनों देशों ने वाणिज्यिक, वैसा करनेरिक और सैन्य संबंधों में तीव्र संघर्ष किया है, जो उनकी हालात को और भी जटिल बनाता है।
आज भारत ने पाकिस्तान के साथ जल बंटवारे के 1960 के समझौते को रोकने का फैसला किया है। इस निर्णय से पाकिस्तान की जल संसाधनों पर निर्भरता की चुनौती बढ़ गई है, क्योंकि यह हमेशा उसकी अर्थव्यवस्था एवं जलवायु के लिए महत्वपूर्ण बनी रहती है।
यातायात के सभी तरीके जैसे हवाई, समुद्री तथा भूमि सीमाएं ब्लॉक कर दी गई हैं। भारत ने पाकिस्तान के नागरिकों के लिए सभी वीज़ा रद्द कर दिए हैं और कहा है कि उन्हें जल्द वापस लौटना होगा। सामाजिक मीडिया में भी भारतीय सरकार ने कई पाकिस्तानी चैनलों और व्यक्तित्वों के खातों को ब्लॉक किया है।
यह घटनाएँ इस बात को दर्शाती हैं कि दोनों देश संभावित युद्ध जैसी स्थिति में हैं, जो राजनीतिक और आर्थिक स्थिरता के लिए हानिकारक हो सकती हैं।