डिंपल कपाड़िया और राजेश खन्ना का अलगाव 1982 में हुआ था

डिंपल कपाड़िया ने 1973 में फिल्म “बॉबी” से अपने करियर की शुरुआत की, जो एक बड़ी सफलता साबित हुई। लेकिन, शादी के बाद उन्होंने अभिनय से ब्रेक लिया। जब राजेश खन्ना से शादी की, तो उन्होंने नहीं चाहा कि डिंपल फिल्में करें। हालांकि, अंत में उन्होंने कहा कि उन्हें डिंपल की प्रतिभा का अंदाजा नहीं था। राजेश खन्ना ने यह भी कहा था कि वह नहीं चाहते थे कि उनके बच्चे ननदों और सेवकों के साथ बड़े हों, बल्कि उनकी मां के साथ।
शादी के बाद का यह समय उनके लिए केवल एक दशक का था। 1982 में उनका अलगाव हो गया, लेकिन दो साल बाद डिंपल ने “सागर” में वापसी की। इस फिल्म में उनके काम को सराहा गया और उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला। उन्होंने अपने करियर के दौरान कई जटिल भूमिकाएं निभाई, जैसे “रुदाली”, “काश”, और “क्रांतिवीर”।
राजेश खन्ना ने कहा, “मैंने कभी अपनी पत्नी के काम करने में आपत्ति नहीं की। लेकिन जब मैंने डिंपल से शादी की, तो मैं अपने बच्चों के लिए एक माँ चाहता था। मुझे डिंपल की प्रतिभा की कोई जानकारी नहीं थी।” उन्होंने ट्विंकल खन्ना से कहा कि अगर वह अभिनय करना चाहती हैं, तो वह उनके लिए एक फिल्म बनाएंगे। इस पर ट्विंकल ने सवाल उठाया कि वह उनकी मां को अभिनय करने से क्यों रोकते हैं। राजेश खन्ना ने उत्तर दिया, “क्योंकि मैं आपका पिता हूं, और मैं आपका पति नहीं हूं।”
उन्होंने आगे कहा, “अगर मुझे उस समय पता होता कि ‘बॉबी’ उनकी प्रतिभा को साबित करेगी, तो मैं उन्हें नहीं रोकता। प्रतिभा को दबाना क्रूर है। जब मैं यह समझ पाया, तब हमारी पहली बेटी का जन्म हो चुका था।” राजेश खन्ना का निधन 2012 में हुआ।
डिंपल कपाड़िया ने अपने अभिनय करियर में अंतिम बार ‘तेरी बातें में ऐसा उलझा जिया’ और ‘मर्डर मुबारक’ में काम किया।
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