
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुरशिदाबाद में वक्फ अधिनियम के खिलाफ हुए हिंसक प्रदर्शन को “पूर्व-नियोजित दंगों” का नाम दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीएसएफ ने बाहरी लोगों को राज्य में प्रवेश करने की अनुमति दी है और इससे अराजकता फैली है। ममता ने जानकारी दी कि पहले की जांच में बांग्लादेशी अपराधियों की संलिप्तता का संकेत मिला है। ममता ने कहा कि उन्हें यह जानकर चिंता हुई कि केंद्र सरकार इस स्थिति के बारे में जानती थी और फिर भी कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार को उत्तरदायी होना चाहिए क्योंकि बीएसएफ ही सीमा की सुरक्षा करती है, ना कि राज्य सरकार।” उन्होंने मुसलमानों से अपील की कि वे कानून अपने हाथ में न लें और भाजपा के बहकावे में न आएँ। ममता ने मुस्लिम धार्मिक नेताओं से भी बात की और उनसे कहा कि यदि समस्याएं हैं, तो उन्हें दिल्ली में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से मिलने की सलाह दी।