भारत को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता मिली है। भारत को संयुक्त राष्ट्र की आर्थिक और सामाजिक परिषद (ECOSOC) के लिए 2026 से 2028 के कार्यकाल हेतु निर्वाचित किया गया है। यह चुनाव संयुक्त राष्ट्र महासभा में बुधवार को कराया गया, जिसमें भारत ने परिषद की सदस्यता हासिल की।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने सोशल मीडिया पर इस बात की पुष्टि की और इसे भारत की वैश्विक भूमिका में एक अहम कदम बताया।
“भारत को वर्ष 2026-2028 के कार्यकाल के लिए आर्थिक और सामाजिक परिषद (ECOSOC) में चुने जाने पर गर्व है। हम आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए सभी साझेदारों के साथ मिलकर कार्य करने को तत्पर हैं,” – भारत का संयुक्त राष्ट्र मिशन।
क्या है ECOSOC?
ECOSOC संयुक्त राष्ट्र की छह प्रमुख अंगों में से एक है, जिसका काम है वैश्विक स्तर पर आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दों पर चर्चा और सहयोग को बढ़ावा देना। यह संस्था सतत विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, मानवाधिकार और सामाजिक न्याय जैसे विषयों पर दुनियाभर में नीति निर्माण में मदद करती है।
भारत की भूमिका अहम
भारत पहले भी कई बार ECOSOC का सदस्य रह चुका है और विकासशील देशों की आवाज़ को अंतरराष्ट्रीय मंच पर बुलंद करता रहा है। इस चुनाव के ज़रिए भारत ने फिर यह साबित किया है कि वह विश्व समुदाय का एक उत्तरदायी और विश्वसनीय साझेदार बना हुआ है।
भारत की जीत को कूटनीतिक हलकों में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक मंच पर भारत की भागीदारी और योगदान लगातार बढ़ रहा है।
ECOSOC में सदस्यता कैसे मिलती है?
ECOSOC में कुल 54 सदस्य होते हैं, जिन्हें संयुक्त राष्ट्र महासभा में वोटिंग के ज़रिए चुना जाता है। सदस्यता तीन साल के लिए दी जाती है और विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों से सदस्य चुने जाते हैं ताकि सभी क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व हो सके।