बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद युनुस अभी सत्ता में बने रहने का प्रयास कर रहे हैं। वे बिना चुनाव के पांच साल के कार्यकाल की चुनावों से पहले सुधार की मांग कर रहे हैं। ढाका में “पहले सुधार, बाद में चुनाव” के पोस्टर्स लगे हैं। आलोचकों का कहना है कि वे सत्ता में बने रहने के लिए दबाव की रणनीतियों का उपयोग कर रहे हैं। पिछले साल शेख हसीना के अपदस्थ होने के बाद, युनुस को मुख्य सलाहकार नियुक्त किया गया था।
युनुस ने लगातार चुनावों की घोषणा से दूरी बनाई है और उनके विरोधियों का कहना है कि वे अमेरिकी समर्थन के तहत रोहिंग्या कॉरिडोर के प्रस्ताव के कारण इस्तीफे की धमकी दे रहे हैं। बांग्लादेश के सशस्त्र बल एक निर्वाचित सरकार के बिना कूटनीतिक मामलों पर निर्णय लेने का विरोध कर रहे हैं। इस स्थिति के कारण युनुस मुश्किल में हैं, और राजनीतिक परिदृश्य में बदलाव आ रहा है। उनकी समर्थकों ने ‘मार्च फॉर युनुस’ नामक रैली की योजना बनाई है।
युनुस के समर्थकों ने सख्त दबाव में चुनाव कराने के लिए मेहनत कर रहे हैं, और जबरदस्त प्रतिक्रिया के बीच युनुस का सत्ता में बने रहना चुनौतीपूर्ण हो रहा है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने भी चुनाव कराने की मांग की है।