
प्रतीक गांधी और पत्रलेखा की बहुप्रतिक्षित फिल्म ‘फुले’ की रिलीज में देरी हुई है। यह फिल्म समाज सुधारकों ज्योतिराव और सावित्रीबाई फुले की कहानी बताती है। इस फिल्म पर ब्राह्मण समुदाय की कुछ हिस्सों की तरफ से आलोचना की गई है, जो आरोप लगाते हैं कि यह जातिगत नरेटिव को बढ़ावा देती है। इस कारण सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) ने फिल्म के निर्माताओं से कई संपादन करने को कहा है। अब ‘फुले’ 25 अप्रैल, 2025 को रिलीज होगी, जो पहले 11 अप्रैल को तय थी।
प्रतीक गांधी ने इस रिलीज में देरी पर निराशा जताई है। उन्होंने बताया कि वे चाहते थे कि फिल्म का रिलीज 197वीं जयंती के दिन हो। उन्होंने ब्राह्मण समुदाय से अपील की कि वे फिल्म को खुले मन से देखें और पूरी कहानी देखने के बाद अपने विचार बनाएं।
उन्होंने कहा कि जब उन्हें इस देरी की जानकारी मिली, तो वे बहुत परेशान हुए। उन्होंने कहा कि यह दिन ऐतिहासिक था और तब फिल्म रिलीज होती, तो यह एक विशेष अवसर बन जाता। ब्राह्मण समुदाय के कुछ सदस्य इस फिल्म के ट्रेलर को देखने के बाद इससे नाराज हो गए हैं। महादेवन ने बताया कि सभी सुझावों को स्वीकार किया गया है और संशोधनों को लागू किया गया है।
फिल्म में प्रतीक गांधी को ज्योतिराव फुले की भूमिका में देखा जाएगा जबकि पत्रलेखा सावित्रीबाई फुले का किरदार निभाएगी।