
पार्किंसन रोग एक प्रगतिशील न्यूरोडीजेनरेटिव डिसऑर्डर है, जो मुख्य रूप से मोटर फंक्शन को प्रभावित करता है। यह बीमारी, जिसमें कंपन, कठोरता और गति में कठिनाई शामिल है, विश्व भर में लाखों लोगों को प्रभावित करती है। हाल के वर्षों में, पार्किंसन के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है, जो विशेषज्ञों को इसके कारणों की जांच करने के लिए मजबूर कर रही है। शोध से पता चलता है कि यह रोग विशेष रूप से 65 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों में बढ़ता है। इसके अलावा, बढ़ती उम्र, पर्यावरणी विषाक्त पदार्थों के संपर्क में आना और जीन संशोधन कुछ ऐसे मुख्य कारक हैं जो इसकी बढ़ती संख्या को प्रभावित कर रहे हैं। उपचार के तरीके जैसे कि गहरी मस्तिष्क उत्तेजना (DBS) इस रोग के प्रबंधन में मदद के लिए विकसित किए गए हैं, जो रोगियों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने में सहायक हो सकते हैं।