
हाल ही में एक अध्ययन में पाया गया कि दूध और बिना किण्वित पनीर का सेवन टाइप 2 डायबिटीज के खतरे को बढ़ा सकता है। स्वीडिश शोधकर्ताओं ने 24 वर्षों के स्वास्थ्य डेटा का अध्ययन किया और 26,461 व्यक्तियों के आहार संबंधी डेटा को 1991 से 1996 तक इकट्ठा किया। परिणामों में यह सामने आया कि जिन लोगों ने अधिकतर बिना किण्वित दूध और पनीर का सेवन किया, उनमें से 17% में टाइप 2 डायबिटीज विकसित हुआ। इसके विपरीत, किण्वित पनीर जैसे चेडर, पार्मेसन और स्विस से टाइप 2 डायबिटीज का खतरा कम होता है। अध्ययन से यह भी साबित हुआ कि बिना किण्वित पनीर, जैसे मोज़ेरेला और रिकोटा, विशेष रूप से पुरुषों में डायबिटीज के खतरे को बढ़ाते हैं। इसलिए, बिना किण्वित दूध और पनीर का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए।