ऐतिहासिक ताज महल की सुरक्षा जल्द ही एक आधुनिक एंटी-ड्रोन सिस्टम से और मजबूत होने जा रही है, जिसका उद्देश्य संभावित हवाई खतरों का मुकाबला करना है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ताज महल की सुरक्षा अभी केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) और उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा की जा रही है, लेकिन अब इसमें एक अतिरिक्त सुरक्षा परत जोड़ी जाएगी।
यह फैसला 7 मई को भारत द्वारा पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंक केंद्रों पर सटीक हमले के बाद किया गया है। इस हमले में पाकिस्तान की ओर से की गई ड्रोन और मिसाइल हमलों का मजबूती से जवाब दिया गया था, जिससे ऐसे Sensitive स्थानों पर एंटी-ड्रोन उपायों की आवश्यकता और बढ़ गई है।
ताज महल परिसर में 7-8 किलोमीटर की रेंज वाला एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाया जाएगा। यह मुख्य गुंबद के आसपास 200 मीटर की दूरी पर सबसे प्रभावी होगा। पुलिस के कर्मियों को इस सिस्टम का संचालन करने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है और एक विशेष प्रतिक्रिया टीम गठित की जा रही है। यह टीम ड्रोन के स्रोत का पता लगाएगी और उसे हल्का नुकसान पहुँचाने के लिए प्रशिक्षण प्राप्त करेगी।
ताज महल, जो यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है, भारत के सबसे प्रसिद्ध स्मारकों में से एक है, और इसकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।