इमरान हाशमी, जो बॉलीवुड के एक प्रसिद्ध अभिनेता हैं, ने पिछले साल नेपोटिज्म के विषय पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने माना कि नेपोटिज्म तो है, लेकिन यह शोबिज में सफलता के लिए अकेला फैक्टर नहीं है।
उनके अनुसार, टैलेंट और मेहनत भी महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने इस इंडस्ट्री को “मिश्रित मामला” कहा, यह बताते हुए कि बाहरी और आंतरिक लोग विभिन्न रास्तों से अपने पैर जमाते हैं। इमरान का दृष्टिकोण इंडस्ट्री की जटिलताओं को उजागर करता है, जहाँ टैलेंट और पारिवारिक रिश्तों का संतुलन बना होता है।