कानपुर की बोली अब केवल स्वतंत्रता संग्राम और उद्योगों तक सीमित नहीं है; यह बॉलीवुड में भी अपनी अलग पहचान बना रही है। प्रधानमंत्री मोदी के ठेठ कनपुरिया अंदाज ने इसे एक नई उड़ान दी है।
जब उन्होंने कहा “दुश्मन कहीं भी हो, हौंक दिया जाएगा”, तो सभी की नजरें इस अनोखी बोली पर जा टिकीं। हाल के वर्षों में, फिल्म इंडस्ट्री में इस बोली का प्रयोग बढ़ गया है। उदाहरण के लिए, थप्पड़ मारने के लिए ‘कंटाप मारना’ और ‘काहे’ का प्रयोग होता है। इस बोली की मिठास और अनोखापन इसे खास बनाते हैं। कानपुर में बोली जाने वाले शब्द जैसे ‘हौंकना’, ‘बकैती’, बल्कि ‘चौकस है गुरु’ इसे समझने में मदद करते हैं। स्थानीय भाषा का यह अद्भुत मिश्रण कानपुर की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है और इसे आगे बढ़ाने में मदद कर रहा है।