1930 के दशक में जब भारत क्रांति के दौर से गुजर रहा था, वहीं जद्दनबाई नाम की एक गायिका ने सिनेमा की दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाई। जद्दनबाई, जो वेश्यालय में जन्मी, ने छोटी उम्र से ही संगीत का अभ्यास किया। उनका नाम इतना मशहूर हुआ कि उन्होंने न केवल गायिका के रूप में कदम रखा, बल्कि फिल्म निर्माता भी बन गईं।
जद्दनबाई ने तीन बार शादी की। पहले एक अमीर हिंदू व्यवसायी नरोत्तमदास खत्री से, जिन्होंने शादी के बाद इस्लाम अपनाया, लेकिन उनका तलाक हो गया। फिर उन्होंने उस्ताद इरशाद मीर खान से शादी की, जिनसे उनका बेटा अनवर हुसैन हुआ। बाद में, मोहनचंद उत्तमचंद त्यागी से शादी की, जिन्होंने भी इस्लाम अपनाया, और इन्हीं से उनकी बेटी नरगिस हुई। नरगिस ने अपने दम पर फिल्म इंडस्ट्री में बड़ा नाम कमाया और सुनील दत्त से शादी की।
जद्दनबाई की कहानी ना सिर्फ सिनेमा की पहली ‘शो वुमन’ के रूप में महत्वपूर्ण है, बल्कि यह समाज और परिवार के बदलाव की कहानी भी है। उनके द्वारा बनाई गई इस विरासत ने आज भी कई का दिल जीता हुआ है।